dhyan
रविवार, 26 दिसंबर 2010
हस्ते रहे आप हजारो के बिच में
जैसे हस्ते है फूल बहारों के बिच में
रोशन हो आप दुनिया में इस तरह
जैसे होते हे चाँद सितारों के बिच में
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